छठ
पूजा में ठेकुए का प्रसाद सबसे अहम माना जाता है, जो कि गुड़ और आटे को
मिलाकर बनाया जाता है। इसके बिना छठ की पूजा ही अधूरी मानी जाती है। इसके पीछे वैज्ञानिक तर्क है कि छठ के साथ सर्दी की शुरुआत हो जाती है और ठंड से बचने और सेहत को बेहतर रखने में गुड़ बेहद गुणकारी होता है।
गोलगप्पे के पानी को बनाने के लिए पीसा हुआ जीरा, काला नमक और काली मिर्च के पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। जो स्वादिष्ट होने के साथ पेट को भी
दुरूस्त रखने में सहायक होता है। जिसका सेवन करने से एसिडिटी क समस्या दूर हो जाती है। अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो गोलगप्पे का पानी बहुत फायदेमंद
साबित हो सकता है। इसक बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मसाले पाचन क्रिया के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं। गोलगप्पे के पानी को बनाने के लिए तीखे और खट्टे मीठे मसाले इस्तेमाल किए
जाते हैं। ये मसाले मुंह के छालों को ठीक करने में मदद करते हैं। ये पानी
पेट साफ करके मुंह के छाले ठीक करते हैं।
अगर आपका जी मचला रहा है तो आटे से बने तीन-चार गोलगप्पे खा लीजिए। ऐसा करने से आपको तुरंत आराम आ जाएगा।
नवरात्रि
में आदि शक्ति की आराधना कि जाती है। इस समय जो लोग नवरात्रि व्रत और दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं वह लोग मिट्टी के बर्तन में जौ बोते हैं। क्या आपको पता है नवरात्रि में जौ क्यों बोए जाते हैं और इस खास मौके पर ये आपको कौन से शुभ-अशुभ संकेत देते हैं। अगर नहीं तो इसके कई फायदों के साथ
आपको बताते हैं जौ से जुड़े कई ऐसे संकेत जो आपके लिए जानना है बेहद जरूरी। ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि पर जो जौ उगाई जाती है वह मनुष्य को भविष्य से
जुड़े कई संकेत देती है।साधारण तौर पर 2-3 दिनो में बोया गया जौ अंकुरित हो
जाता है, लेकिन अगर यह न उगे तो भविष्य में आपके लिए अच्छे संकेत नहीं है
यानि कि आपको कड़ी मेहनत करने के बाद ही फल की प्राप्ति होगी।
अगर उगने वाले जौ का रंग नीचे से आधा पीला और ऊपर से आधा हरा हो इसका मतलब आने वाले साल का आधा समय ही आपके लिए ठीक रहने वाला है। अगर वहीं जौ का रंग नीचे से आधा हरा है और ऊपर से आधा पीला हो तो इसका अर्थ
है कि आपका साल का शुरूआती समय अच्छे से बीतेगा, लेकिन बाद में आपको
परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
अगर
आपके द्वारा बोया हुआ जौ सफेद या हरे रंग में उग रहा है तो यह बहुत ही शुभ
माना जाता है। अगर ऐसा होता है तो यह मान लिया जाता है कि पूजा सफल हो
गयी। आने वाला पूरा साल खुशियों से भरा होगाहिंदू धर्म के अनुसार ऐसा माना जाता है जब सृष्टि की शुरूआत हुई थी तो पहली फसल जौ ही थी। यही कारण है जब भी किसी देवी-देवताओं की पूजा की जाती है तो हवन में जौ का इस्तेमाल किया जाता है।आइए जानते हैं सेहत से जुड़े इसके कई
फायदे-
जिन लोगों का बार-बार गर्भपात होता रहता है उनके लिए जौ किसी अमृत से कम
नहीं हैं। इसका सेवन करने से गर्भपात की समस्या दूर होती है। इसके लिए जौ के आटे को घी और ड्राई फ्रूट के साथ मिलाकर लड्डू बना कर खाने से गर्भपात रुकता है।
खराब और दूषित खानपान के चलते अधिकतर लोग पथरी की शिकायत करते हैं। इस
बीमारी से पीड़ित लोग पानी में जौ को उबालें। पानी को ठंडा करने के बाद रोज
1 ग्लास पीएं। ऐसा नियमित करने से पेट की पथरी गलने लगती है।
डायबिटीज की बीमारी लोगों की लाइफस्टाइल पर निर्भर करती है। इस बीमारी से
छुटकारे के लिए आपको हेल्दी डाइट लेने की जरूरत है। डायबिटीज के रोगी को जौ
के आटे की रोटी और सत्तू बनाकर खानी चाहिए।
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