Friday, August 16, 2019

काम और ज़िंदगी का संतुलन

एंबिशिया में 200 कर्मचारी थे. 15 साल पहले इसने छोटे रीज़नल ऑफिस खोलने शुरू किए थे ताकि उसके कर्मचारियों को हेलसिंकी तक आने-जाने में समय न गंवाना पड़े.
दक्षता और रचनात्मकता बढ़ाने के लिए उसने कर्मचारियों को दूर से भी काम करने की आज़ादी दी.
टैलेंट को आकर्षित करने के लिए अब यह कंपनी काम करने के लिए और लचीले व चुस्त पैटर्न को अपना रही है.
फ़िनलैंड सिर्फ़ 55 लाख की आबादी वाला छोटा, मगर हरा-भरा देश है. यह यूरोप का बड़ा टेक्नोलॉजी हब है, जिसने नोकिया का उतार-चढ़ाव भरा इतिहास देखा है.
यहां बड़ी आईटी कंपनियां, गेमिंग स्टार्ट-अप्स और डिजिटल वित्तीय सेवाएं देने वाली कंपनियां हैं.
एंबिशिया की एचआर मैनेजर जेनी फ्रेडरिक्सन-बास कहती हैं, "सभी लोग बड़े शहरों की भीड़-भाड़ में नहीं रहना चाहते."
"टैलैंट अगर आपसे 5 घंटे की दूरी पर है तो उसका उपयोग न करना समझदारी नहीं है. वे झील के किनारे या जंगल के पास रह सकते हैं, फिर भी नौकरी कर सकते हैं."
कर्मचारियों की ज़रूरत को समायोजित करने में फ़िनलैंड की हर कंपनी एंबिशिया की तरह नहीं है.
लेकिन काम के घंटे समायोजित करना फ़िनलैंड की कार्यसंस्कृति में पिछले दो दशकों से है. दूसरे देशों में आज भी इसे अधिकार की जगह अतिरिक्त सुविधा समझा जाता है.
फ़िनलैंड ने 1996 में वर्किंग आवर्स एक्ट बनाया था. यह क़ानून कर्मचारियों को अधिकार देता है कि वे काम शुरू करने और ख़त्म करने का समय अपने हिसाब से 3 घंटे पहले या बाद तक समायोजित कर सकते हैं.
2011 तक फ़िनलैंड काम के घंटों में लचीलेपन के मामले में अव्वल देश बन गया था.
वैश्विक लेखा कंपनी ग्रांट थॉर्नटन के एक अध्ययन के मुताबिक फ़िनलैंड की 92 फ़ीसदी कंपनियां कर्मचारियों को काम के घंटे समायोजित करने की इजाज़त देती हैं.
ब्रिटेन में 76 फ़ीसदी, रूस में 50 फ़ीसदी और जापान में सिर्फ़ 18 कंपनियां ऐसा करती हैं.
बड़ी वैश्विक कंपनियां इस अवधारणा को अपना रही हैं. ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन ने इसके लिए क़ानून बनाए हैं. लेकिन फ़िनलैंड सबसे आगे है.
कुछ युवा लंबे घंटों तक काम कर सकते हैं ताकि वे यात्राओं के लिए अपने खाते में समय जमा कर सकें.
वाई-फ़ाई और क्लाउड आधारित तकनीक की व्यापक उपलब्धता ने क़ानून में बदलाव की मांग तेज़ की है.
क्रोगर कहती हैं, "कई पेशों में यह संभव हो गया है कि कर्मचारी दूर बैठकर ही ऑफ़िस की तरह काम कर सकते हैं."
कंपनियों को भी इसके फायदे हैं, क्योंकि इससे कर्मचारियों की दक्षता और उत्पादकता बढ़ जाती है.
क्रोगर कहती हैं, "घर और दफ़्तर दोनों ज़िंदगियों में तालमेल बन जाए तो लोग ज़्यादा उत्पादक बन जाते हैं."
ब्रिटेन की टेक इंडस्ट्री के बारे में एचएसबीसी की एक हालिया रिपोर्ट में पाया गया कि काम के घंटे लचीले होने पर 89 फ़ीसदी उत्तरदाताओं को लगता है कि उनकी उत्पादकता बढ़ती है.
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर निकोलस ब्लूम ने चीन के कॉल सेंटर के 16 हज़ार कर्मचारियों का अध्ययन किया.
उन्होंने पाया कि लचीलापन होने से उनकी उत्पादकता 13 फ़ीसदी बढ़ती है और वे बीमारी की छुट्टी कम लेते हैं.
अमरीकी फर्म टिनीपल्स ने 2016 में पाया था कि दूर से काम करने वाले लोग अधिक ख़ुश रहते हैं और ख़ुद को दफ़्तरों में परंपरागत नौकरी करने वालों से अधिक मूल्यवान समझते हैं.
2020 में नया वर्किंग आवर्स एक्ट प्रभावी हो जाएगा. यह क़ानून पूर्णकालिक कर्मचारियों को यह तय करने का अधिकार देता है कि वे अपना कम से कम आधा काम कब करें.
फ़िनलैंड के पर्यावरण मंत्रालय की सलाहकार और वरिष्ठ अधिकारी तार्जा क्रोगर कहती हैं, "इसका मतलब आधुनिक दुनिया को अपनाना है."
नये क़ानून के मुताबिक कर्मचारियों को अब भी सप्ताह में औसत 40 घंटे काम करने होंगे लेकिन वे काम करने की जगह और काम शुरू करने का समय ख़ुद से तय करेंगे.
मतलब यह कि वे चाहें तो अपने कॉटेज या पसंदीदा कॉफ़ी शॉप से भी काम कर सकते हैं.
घर पर अगर बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी हो या शाम को कसरत करने के लिए वक़्त निकालना हो तो वे सुबह अपना काम ज़ल्दी शुरू कर सकते हैं.
फ़िनलैंड के लोग मानते हैं कि कामकाजी लचीलेपन की सफलता का राज़ यहां की विश्वास की संस्कृति में है, जो लोगों के मन में गहरे बैठी हुई है.
यहां के लोग एक-दूसरे पर जितना भरोसा करते हैं, उतना यूरोप के किसी भी दूसरे देश में नहीं दिखता.
हेलसिंकी से 10 किलोमीटर दूर ऑल्टो यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ़ बिजनेस में संगठन और प्रबंधन के प्रोफ़ेसर ईरो वारा इसका श्रेय समानता और वित्तीय सुरक्षा के मॉडल को दते हैं.
आम सहमति पर आधारित निर्णय लेने की संस्कृति से संस्थानों में लोगों का भरोसा बढ़ता है.वह कहते हैं, "इसकी जड़ें इतिहास में हैं. लोग इसके आदी रहे हैं. यह पिछले एक-दो दशक में पैदा हुई चीज़ नहीं है."
यह विश्वास हो तो उम्मीद रहती है कि जिस कर्मचारी ने दूर रहकर काम करने का फ़ैसला किया है, वह सुस्त नहीं पड़ जाएगा.
"अगर आप अच्छी तरह से काम करते हैं तो आपके साथ व्यवहार भी अच्छा होगा. किसी भी तरह की समस्या होने पर उसका भी निदान है."
"फ़िनलैंड या दूसरे नॉर्डिक देशों में संगठन दूसरी जगहों से अधिक सपाट हैं, पदों में अंतर कम हैं और यथार्थवाद मौजूद है. इन तत्वों ने कामकाजी लचीलेपन को संभव बनाया है."